बेटा , इमोशन से काम लो !

बेटा , इमोशन से काम लो !

ORGANIC  Author:Manish Khernar

August 9, 2017

बेटा, इमेजिनेशन से काम लो !

“जब देखो तब पता नही कौनसी दुनिया में खोया रहता है ..”

“भाई, धरती पर रहो, ख़याली पुलाव पकाना बंद करो ...”

“ मुंगेरीलाल....शेखचिल्ली...”

न जाने और कितने ताने सहने पड़ते है एक कल्पनाशील व्यक्ति को ! इमेजिनेशन, यानि कल्पनाओ को लेकर हम लोग बहोत नकारात्मक है |

अगर किसी की कल्पना शक्ति सामान्य से ज्यादा दिखाई पड़ी, तो सब तूट पड़ते है उस पे, उसका जीना मुश्किल कर देते है !

हा कुछ लोग है जो कुछ हद तक survive भी कर जाते है , पर ज्यादातर की कल्पना शक्ति को ख़तम कर दिया जाता है |

भारत में original imagination की कमी नहीं है , पर हमारा उस तरफ का रवैया ही negative है |

हमें कल्पना नहीं reality चाहिए,

हम इमेजिनेशन को असत्य मानते है

पर इमेजिनेशन एक सत्य है , हमारे भीतर का सत्य !

वो हमारे भीतर की वास्तविकता है ..एक सम्भावना है , एक क्षमता है , एक driving force है |

अगर किसी कल्पना को योग्य बल दिया जाये, तो वो अपने आप में एक संसार है और सम्पूर्ण संसार को बदल ने की ताकत है |

अगर आप imagine कर सकते है तो आप में एक शक्ति है , जो बिलकुल भी काल्पनिक नहीं है |

पर ये कल्पना होती क्या है ?

कल्पना यानि किसी विचार या धारणा से इतना गहराई से जुड़ जाना की वो वास्तविकता बन जाये !!

जब कोई लेखक उपन्यास या नाटक लिख रहा होता है, तो उसमे वो इतना डूब जाता है कि उसे अपने बनाये हुए पात्र वास्तविक लगने लगते है | काफी बार तो उसे उन पत्रों से लड़ाई भी हो जाती है या प्रेम भी हो जाता है ! पात्र काल्पिनक भले हो पर उपन्यास वास्तविक है , और स्टेज पे होने वाला नाटक उस से भी ज्यादा ठोस वास्तविकता है |

अगर किसी को hypnotize कर के यह कल्पना करवाई जाए कि वो किसी गर्म भठ्ठी में भैठा है तो AC कमरे में भी उसे पसीने छूटने लगेंगे | भठ्ठी कल्पना है पर पसीना वास्तविक है |

हमारी routine life में भी हम किसी व्यक्ति या वस्तु से नफ़रत करते है , या किसी परिस्थिति से भयभीत रहते है जैसे कि stage fear या social anxiety !!

 वो डर या नफ़रत अक्सर हमारी कल्पना आधारित ही होता है | अगर ध्यान से देखा जाए तो पुरे दिन में ऐसे सेकड़ो काम हम करते है जो हमसे हमारी कल्पनाए करवाती है , पर हमारे ध्यान में वो बाते कभी नहीं आती , क्योकि हम उन कल्पनाओ के साथ इतने लयबध्ध यानि resonant हो चुके होते है |

अगर किसी तरह हम सकारात्मक कल्पनाओ से हमारा resonance बना सके तो हमारा जीवन आनंद से भर सकता है |

hypnotherapy इसी resonance को पाने की एक scientific और सुव्यवस्थित पध्धति है ...ठीक से इस का उपयोग करने पर वो किसी के भी जीवन को  सुख, सफलता और आत्मविश्वास से भर सकती है |

आज के stressfull जीवन में hypnotherapy एक वरदान से कम नहीं है  !